सर्राफा बाजार से लेकर त्रिपाेलिया, घंटाघर हाेते हुए मेड़ती गेट पुलिस चाैकी तक की सड़क पर मंगलवार काे सुबह से रात तक सन्नाटा पसरा रहा। सुबह 8 बजे तक कुछ लाेग जरूरत की चीजाें काे खरीदने के लिए बाहर निकले, लेकिन पुलिस की सख्ती से उन्हें जल्द घर लाैटना पड़ गया। पुलिस ने निगम की मदद से रात काे ही मुख्य सड़क काे जाेड़ने वाली सभी गलियाें व रास्ते के मुहाने काे बल्लियाें से बंद कर दिया था। इसके कारण वाहन ताे सड़क पर नहीं आ पाए, कुछ लाेग बल्लियाें काे फांदकर या खाेलकर सड़क पर आ गए। ऐसे लाेगाें काे पुलिस ने वापस घर में खदेड़ दिया। सड़क पर सिर्फ सफाई कर्मचारी, सिपाही या फिर सर्वे करने वाला मेडिकल स्टाफ ही नजर आया। बैंक या दवाइयाें की दुकानें आने पर ही कर्फ्यू का सन्नाटा टूटता। जूनी मंडी में लगने वाली सब्जी मंडी कर्फ्यू के कारण मंगलवार काे नहीं लग पाई। घंटाघर में भी सब्जी व किराणे की दुकानाें काे बंद रखने से सन्नाटा पसरा रहा। नई सड़क पर कुछ लाेग जरूर घराें से बाहर निकलकर शाेरूम व बरामदाें में बैठ गए, उन्हें पुलिस ने समझाकर व सख्ती दिखाकर घराें में भेजा।
नागाैरी गेट निवासी एक महिला, दाे रिश्तेदार और किराएदाराें के अलावा साेमवार काे हाथीराम का ओडा इलाके में काेराेना का एक और मरीज सामने आने के बाद देर रात सदर बाजार, सदर काेतवाली थाना क्षेत्र के पूरे इलाकाें में, उदयमंदिर थाना क्षेत्र के आंशिक भाग में कर्फ्यू लगाने के बाद मंगलवार काे पुलिस ने सख्ती दिखाई। हालांकि खांडा फलसा इलाके में सुबह 8 से 10 बजे तक लाेग दूध, फ्रूट, सब्जी व किराणा खरीदने के साथ अन्य जरूरत की चीजाें के लिए सड़क पर आ-जा रहे थे, लेकिन 10 बजे बाद पुलिस सक्रिय हुई ताे सड़कें सूनी हाे गईं।
ओ काेराेणाे ताे सुणियाे पण... ओ कर्फ्यू कठै सूं आ ग्याे
राखी हाउस से कटला बाजार के बीच एक 80 साल की वृद्धा हाथ में लकड़ी लेकर जा रही थी। वह अचलनाथ मंदिर में दर्शन के लिए निकलीं। जब सिटी पुलिस से आगे बढ़ने लगीं ताे वहां खड़े एक व्यक्ति ने उनसे कहा- मा’सा आगे कर्फ्यू है, पुलिस पकड़ ले ला। कुछ देर वृद्धा उस व्यक्ति काे देखती रहीं, बाद में बाेलीं- ओ काेराेणाे ताे सुणियाे पण...ओ कर्फ्यू कठै सूं आ ग्याे। वृद्धा की बात सुनकर व्यक्ति भी हंसने लगा। फिर उसने कर्फ्यू का मतलब बताया ताे हंसकर आगे बढ़ गईं।
कैमरे का फ्लैश चमकते ही युवक पाेल के अंदर
भास्कर टीम नारायण मिष्ठान (लाल भट्टी) के समीप गली के बाहर निकल रहे लाेगाें की फाेटाे ले रही थी, तभी टीम की नजर कुछ ही दूरी पर पाेल के बाहर खड़े कुछ युवकाें पर पड़ी। टीम वहां पहुंचती, इसके पहले सभी युवक भागकर पाेल के अंदर चले गए और अंदर से पाेल बंद भी कर दी।
कोई अस्पताल तो कोई टिफिन का बहाना बना रहा था नाके पर
शहर में कर्फ्यूग्रस्त तीन नए इलाकों सदर बाजार, सदर कोतवाली व उदयमंदिर थाना क्षेत्र में मिलने वाली सीमा घंटाघर चौराहे पर मंगलवार को पब्लिक पुलिस के सामने तरह-तरह के बहाने बनाकर कर्फ्यू तोड़ती दिखी। पुलिस उनको गांधीवादी तरीके से कर्फ्यू का मतलब और कोरोना बीमारी को लेकर समझाइश कर रही थी, लेकिन लोगों का आना जारी रहा। पुलिस ने भीतरी शहर के सिरे बाजार में बल्लियां लगाकर सील कर दिया था, लेकिन घंटाघर चौराहे से लोगों के आवागमन की सुविधा रॉन्ग साइड से रखी और इसकी चैकिंग घंटाघर चौराहे से शुरू की गई। यहां पर हैड कांस्टेबल शंभूदान, कांस्टेबल गणपतराम सेंगवा व सुनीता, होमगार्ड जवान विष्णुनारायण शर्मा, रणजीतसिंह भाटी हर आने-जाने वाले से पूछताछ कर रहे थे। इनमें अधिकतर महिलाएं ही थीं, जो किसी ना किसी तरीके से अस्पताल जाने का बहाना बनाकर वहां से निकलने के प्रयास में थीं।
पुलिस ने कई महिलाओं को वापस भेजा तो कइयों को मानवता के नाते जाने दिया। वहीं नेशनल हैंडलूम के बाहर और नई सड़क पर बेरिकेड्स लगाकर रास्ते बंद कर दिए। कोतवाली थाना क्षेत्र के सिंहपोल और नवचौकिया दमजी व्यास का चौक पर शाम को बल्लियां लगाने का काम चल रहा था। तीनों थाना क्षेत्र में सुबह दूध की सप्लाई चालू थी, लेकिन शाम को किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके लिए खुद डीसीपी पूर्व धर्मेंद्र यादव तीनों थाना क्षेत्र में पुलिस व होमगार्ड के जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए गश्त कर रहे थे।